मेरा व्यवहार ही मेरी पहचान है my behavior is my identity
हमारे जीवन में हमारा व्यवहार ही हमारी पहचान है क्योंकि हमारा चरित्र हमारी छवि हमारे व्यवहार से ही निखरती है आपने भी यह बात जरूर महसूस की होगी की जब आप से कोई अच्छा आदमी मिलता है और जब वह आपसे विदा होता है तो आप उसके पीछे यह बात जरूर करते होंगे कि वह आदमी " style="clear: both; text-align: center;"> बहुत अच्छा था या उसका व्यवहार विनम्र हैं तो यह उसकी एक तरह की पहचान बन गई अब हम जब भी जहां भी उस आदमी को देखेंगे तो सबसे पहले यही सोचेंगे की एक बार फिर से उससे मुलाकात हो हम ऐसा क्यों सोचते हैं यह बात गौर करने ऐसा नहीं हो की हमारे बारे में भी कोई ऐसा सोचे <script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-7951979433770525" जैसा हम अपने बारे में सोचते हैं वैसा ही हमे दूसरो के बारे में सोचना चाहिए crossorigin="anonymous"></script> अगर हम ऐसा सोचते हैं तो हम किसी को अपने से कम नहीं समझेंगे और ना ही किसी का बुरा करेंगे जब ऐसा हम करेंगे तो अपने आप हमारा व्यवहार एक सच्चे इंसान ...